आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का एजेंडा जानकर हर भारतीय का खून खौल उठेगा.

By : fiveminute  |  Updated On : 26 Jan, 2022

आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का एजेंडा जानकर हर भारतीय का खून खौल उठेगा.

आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एजेंडा जानकर हर भारतीय का खून खौल उठेगा.

2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में हमने अपने 40 जवान खोये. साथ ही इसके अलावा पिन्ग्लन इलाके में मेजर समेत 5 और जवान शहीद हुए. हमले के बाद पूरे देश के अन्दर क्रोध की ज्वाला उठी कि बस हमलावारों से बदला लेना है. इसके साथ ही सामने ये भी आया था कि हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी, संगठन का बस एक ही काम चलता आ रहा है कश्मीरियों को भारत के खिलाफ भड़काना.

हमले के दौरान कश्मीरियों के ऊपर एक और आफत आ पड़ी थी, जो कश्मीरी बाहर काम कर रहे थे उन्हें लोग अपना गुस्सा निकालने के लिए उन्हें मार पीट रहे थे. इसके चलते सी आर पि ऍफ़ मददगार ने एक हेल्पलाइन नंबर ट्विटर पर पोस्ट किया था जिसके चलते जो कश्मीरी देश के अलग-अलग हिस्से में काम कर रहे या जो स्टूडेंट अपनी पढाई कर रहे उनकी मदद के लिए ये नंबर निकाला गया था.

जैशे-ए- मोहम्मद का एक ही एजेंडा, बस कश्मीरियों को भारत के खिलाफ भड़काना

अगर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एजेंडा की बात करें तो उनका साफ यही एजेंडा है की वो कश्मीरी लड़कों को भारत के लोग और गवर्मेंट के खिलाफ भड़काते हैं और अपने आतंकवादी संगठन में जोड़ने की कोशिश करते हैं. और ये काम हमारे आस-पास के लोग ही पूरा करते हैं. आपको बताते चलें संगठन ने पहला बड़ा हमला सन 2001 में जम्मू कश्मीर की विधान सभा में किया था जिसमें करीब 40 लोगों की जाने गयी थीं. इसके सतह ही उसी साल में दिसंबर माह में लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर इस संगठन ने देश की संसद पर हमला किया था. इस हमले में हमने अपने 8 जवान खोये. सन 2001 में भारत के दबाव के चलते संयुक्त राष्ट्र संघ ने जैश-ए-मोहम्मद को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था.