ओलिंपिक में आने के लिए शादी से कर दिया था मना, आइये जानते हैं ओलिंपिक रेसलर रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) के जीवन के बारे में

By : Arshad  |  Updated On : 05 Aug, 2021

ओलिंपिक में आने के लिए शादी से कर दिया था मना, आइये जानते हैं ओलिंपिक रेसलर रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) के जीवन के बारे में.

फ्री स्टाइल रेसलर रवि कुमार दहिया तोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। पुरुषों के 57 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में वह रूस के जावुर युवुगेव को नहीं हरा पाए। इस तरह उन्‍हें सिल्‍वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

बेटे की ज़रूरत पूरी करने के लिए रोजाना हरियाणा से दिल्ली जाते थे रवि के पिता राकेश दहिया.

रवि कुमार दहिया अपने जीवन के संघर्ष के दौर में  दिल्ली में छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती सीखते थे जहाँ उनके गुरु सतपाल सिंह और वीरेंद्र कुमार थे. रवि के पिता राकेश दहिया भी अपने जमाने के मशहूर रेसलर रह चुके हैं, एक समय पर उनका भी सपना स्वर्ण पदक जीतना था. जब रवि अपनी ट्रेनिंग ले रहे थे तो उनके पिता रोजाना दूध इत्यादि अपने घर हरियाणा से दिल्ली लेकर जाते थे  रवि की जीत के पीछे उनके पिता राकेश का काफी बड़ा हाथ रहा है.

रवि कुमार दहिया का परिवार व उनका शुरूआती जीवन.

रवि कुमार दहिया के घर की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी उनके परिवार वाले खेती पर ही अपना जीवन व्यापन करते थे, परंतु रेसलिंग को लेकर दहिया के अंदर काफी लगन थी और इसीलिए इन्होंने कड़े संघर्षों को पार करते हुए सफलता की सीढ़ी चढी. रवि के पिताजी के पास कोई भी निजी जमीन नहीं है, उनके पास पट्टे की  ही जमीन थी, परन्तु रवि के पिता ने हार नहीं मानी और अपने बेटे के सपने को पूरा करने में कड़ी मेहनत करके उनको एक बड़ा रेसलर बनाया.बीच में रवि के घरवालों ने उनकी शादी पक्की कर दी थी पर ओलिंपिक 2021 के लिए रवि ने शादी नहीं की, रवि ने कुश्ती के 57 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के सनायेव नूरीस्लाम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है, फाइनल में उनका सामना वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव से हुआ.