23 साल की उम्र में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले लवलीना बारेगोहेन (Lovlina Borgohain) के बारे में जानते हैं कुछ ख़ास बातें

By : Arshad  |  Updated On : 06 Aug, 2021

23 साल की उम्र में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले लवलीना बारेगोहेन (Lovlina Borgohain) के बारे में जानते हैं कुछ ख़ास बातें.

टोक्यो ओलिंपिक 2021 भारत के लिए काफी प्रभावशील ओलिंपिक चला आ रहा है. महज 23 साल की उम्र में मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीतने वाले लवलीना बोरगोहेन के जीवन पर कुछ नजर डालते हैं.

शुरूआती करियर.

लवलीना बोरगोहेन का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को असम राज्य के गोलाघाट जिले में हुआ था. उनकी माता का नाम मामोनी तथा पिता का नाम टिकेन है, लवलीना के पिता एक छोटे से व्यापारी हैं, और उनको अपनी बेटी लवलीना के लिए काफी संघर्ष का सामना करना पडा, लवलीना की दो और जुड़वाँ बहनें हैं जो उनसें बड़ी हैं, उनकी बड़ी बहनों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर किकबॉक्सिंग में भाग लिया किंतु किसी कारण उसे आगे जारी नहीं रखसकी.लवलीना ने भी अपना करियर एक किकबॉक्सर के तौर पर शुरू किया थालेकिन बाद में मौका मिलने पर अपना करियर मुक्केबाज़ी में परिवर्तित कर लिया.भारतीयखेल प्राधिकरण ने उनके हाई स्कूल बर्पथर हाई स्कूल में ट्रायल करवाया, जहाँ  लवलीन ने भाग लिया.प्रसिद्ध कोच पदम बोरो ने उनके प्रतिभा को पहचाना और  उनका चयन किया था.

इससे पहले लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने कई अंतराष्ट्रीय मुकाबलों में स्वर्ण तथा कांस्य पदक जीते.

ये तो सभी को पता है कि लवलीना ओलिंपिक सेमी फाइनल में हारकर के कांस्य पदक पर अपना नाम जमा लिया, आपको बताते चलें साल 2018 के  AEBA विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप एवं  2019 के  AEBA विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में लवलीना ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था, तभी से इनका नाम काफी सुर्ख़ियों में चला आ आया हैं, इसके साथ ही प्रथम भारतीय ओपन अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट जो दिल्ली  में हुआ था उसमें इन्होनें  स्वर्ण पदक से भारत तथा अपने परिवार वालों का नाम रोशन किया था.