हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट से ज्यादा लाइफस्टाइल को बदलना ज्यादा जरूरी है।

By : FiveMinute  |  Updated On : 16 Jan, 2021

हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट से ज्यादा लाइफस्टाइल को बदलना ज्यादा जरूरी है। Healthy rahne ke liye healthy diet plan se jyada lifestyle ko badalna jyada jaruri hai

जब भी नए वर्ष का आगमन होता है, उस वक़्त आपसे ये बात जरूर पूछा जाता है की नए साल के लिए आप क्या संकल्प ले रहे हैं| अक्सर स्वास्थ्य को लेकर ये बात होती है|  आज हम आप के लिए हैल्थी और फिट रहने के लिए तरह तरह के टिप्स ले के आये हैं| ये हैल्थी टिप्स आपके सेहत को बेहतर बनाने में मदद करेगी |  

भोजन करने का वक्त : मनुष्य का शरीर दिन के अंत(रात) में ज्यादा भोजन करने के लिए नहीं बना है| ऐसा इसलिए क्यूंकि हमारा मनुष्य ज़्यदातर रात में भोजन करने के बाद या तो बैठ जाता है या बिस्तर पे लेट जाता है, शरीर में कोई एक्टिविटी नहीं होता है खाना अनपच होता है| और हो सके तो ठंडा पानी के जगह हल्का गर्म पानी पियें| हमारे शरीर को प्रकृति ने बनाया इसलिए उसके अनुसार ही जीना चाहिए | 
प्रकृति के अनुसार भोजन हमें सूर्यास्त से पहले ही खा लेना चाहिए और फिर सूर्योदय होने के बाद, इसमें 12 घंटे का अंतर होता है| इस 12 घंटे के उपवास अंतर में आपके तन और मन को बहुत लाभ पहुँचता है| 

नींद कितना जरुरी :  रात को अच्छी नींद लें। आपके शरीर की सभी कोशिकाओं को उचित आराम की आवश्यकता होती है। इस वर्ष अपनी नींद पर उचित ध्यान दें जो आपके शरीर, प्रतिरक्षा प्रणाली, स्वस्थ दिमाग आदि पर सहायक हो। इसके अलावा अपने बच्चे की नींद का भी विशेष ध्यान रखें।

गहरी सांस और  ध्यान: कुछ समय तक का ध्यान लगाए| अगर ध्यान करने पे आपका मन भटकता है तो अपने साँसों पे केंद्रित करें इससे आपको ध्यान में सहायता मिल सकती है| गहरी सांस ले और दो मिनट तक का कमसे कम ध्यान करें इससे आपके मन को शांति मिलेगी और आप स्वस्थ भी रहेंगे| ध्यान करने से आपको अंदरूनी मजबूती मिलती है। यह आपको वर्तमान में बनाए रखता है क्योंकि बहुत से लोग भविष्य की चिंता में डूबे रहते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ मन को भटकने से रोकना नहीं होता, बल्कि विचारों को आने देना और उन पर प्रतिक्रिया दिए बिना जाने देना भी ध्यान होता है। जरूरत पड़ने पर किसी मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं लेकिन गहरी सांस लेने के साथ दो मिनट का ध्यान भी जरूर करें। यह तनाव कम करेगा।

स्थायी डाइट प्लान न रखें: जब आहार-पोषण की बात आती है तो इसे आसान और सात्विक रखें। सुनें अपने शरीर की। जो भोजन आपके पड़ोसी के लिए अच्छी है, वह जरूरी नहीं कि आपके लिए भी अच्छी हो क्योंकि हम सब की आवस्यकताएँ अलग हैं। एक डाइट प्लान अवस्य बनाएं लेकिन सुनिश्चित करें कि सोच कठोर न हो। जब भूख लगे, तभी खाएं। अगर कुछ खाने या पिने की इच्छा है, तो मन में अपराध बोध लाए बिना खा और पि लें। बस ध्यान रखे की उससे आपको कोई नुकशान न पहुंचे| खाते वक्त बस इतना ध्यान रखे की उससे आपके शरीर को लाभ मिले उससे कोई नुक्सान न पहुंचे | अगर आप इस तरह से भोजन करेंगे तो आप स्वस्थ भी रहेंगे और समझदार भी लगेंगे| 

मोबाइल को कम से कम समय दें : आज के इस दौर में  हमारे जैसे बहुत से लोग गैजेट्स, इंटरनेट, टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया में डूबे रहते हैं। ये चीजे हमारा वर्तमान, स्वास्थ्य, शांति, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षा भाव छीन रहे हैं। टेक्नोलॉजी बुरी नहीं है, लेकिन हमें इसमें परिपक्वता के साथ संतुलन बनाये रखने की जरूरत है। अगर यह आपकी सोच, आपके सोने के समय, परिवार के समय पर असर कर रही है तो इस चीज से बाहर निकलना जरुरी है। एक समय सिमा बना ले जैसे रात को 9 बजे के बाद मोबाइल को हाथ न लगाए इसी तरह और भी चीजों का समय सिमा बना सकते हैं |