गिलोय: फायदे और इस्तेमाल विधि

By : Admin  |  Updated On : 18 Aug, 2020

गिलोय: फायदे और इस्तेमाल विधि - Benefits of giloy

आज के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में आपका स्वस्थ रहना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गयी है,इंसान की जीवनशैली ऐसी हो गयी हे की बीमार होना एक आम बात बन गयी है। आज हम अपने आप को किसी भी बीमारी से बचाने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं। हमारी आय का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा दवाइयों में खर्च हो जाता है।

क्या आपको मालूम है ऐसे अनगिनत आयुर्वेदिक औषधि प्रकृति ने हमें वरदान के रूप में दिया है, कुछ औषधि तो हमारे आस पास मौजूद है।जिनका इस्तेमाल हम बड़ी आसानी से कर सकते हे,और अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं। 

आज हम आपको एक ऐसे औषधि के बारे में बताने जा रहे है जो कई बीमारियों से हमें दूर रखने में सक्षम है, और यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता हे।

गिलोय (Giloy): अथवा टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया' (Tinospora cordifolia)

औषधीय मूल्य वाले प्रकृतिक पौधे अपने गुणों के कारण धीरे धीरे क्लीनिकल रिसर्च में महत्व प्राप्त कर रहे हे क्यूंकि इनमे दवावो की तुलना में दुस्प्रभाव न के बराबर होती है। आयुर्वेदिक ग्रंथों के मुताबिक गिलोय 100 से भी ज्यादा बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है। गिलोय हमारी शारीर में रोग से लड़ने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।

इस लेख में हम आपको गिलोय का संपूर्ण जानकारी देने वाले है।

गिलोय के फायदे? What is the benefit of Giloy?

गिलोय पारंपरिक आयुर्वेदिक साहित्य में विभिन्न रोगों के उपचार में एक विशाल अनुप्रयोग के लिए जाना जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च(NISER), DAE, Govt of India। के स्टडी के अनुसार गिलोय में अल्कलॉइड, ग्लाइकोसाइड, लैक्टोन और स्टेरॉयड जैसे एक्सट्रेक्ट मौजूद हैं, इन सभी एक्सट्रैक्ट्स में विभिन्न प्रकार के इम्मून को बढ़ाने की छमता होती हे।
रिपोर्ट के अनुसार गिलोय, बुखार, पीलिया, पुरानी डायरिया, कैंसर, पेचिश, हड्डी में फ्रैक्चर, दर्द, दमा, त्वचा रोग, विषैला कीट, साँप के काटने, आँखों के विकारों के उपचार में सदियों से इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है।

 

गिलोय का उपयोग कैसे करें? How to use giloy?

गिलोय को हम दो तरीके से तैयार कर के इस्तेमाल कर सकते हे। गिलोय का काढ़ा बनाकर और उसका पाउडर बनाकर।


1.  गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि. Method of making Giloy's juice.

  • गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए हम गिलोय की तने का इस्तेमाल करते हैं।
  • सबसे पहले आप 3-4 इंच का एक गिलोय का तना काट ले।
  • तने को 8-10 टुकड़ों में काट ले।
  • टुकड़े को थोड़ा क्रश कर ले।
  • 4 कप पानी में गिलोय के टुकड़ों को डाल के उबालें।
  • पानी जब उबाल के एक चौथई बच जाये तब उसे छान ले।
  • ठंडा होने के बाद उसका सेवन करें।
  • काढ़े में आप 2-3 काली मिर्च और अदरक का छोटा टुकड़ा मिला सकते हैं, इससे आपके कफ की समस्या भी ठीक हो जाएगी।

2. गिलोय का पाउडर बनाने की विधि. Method of making Giloy powder.

  • गिलोय का पाउडर बनाने क लिए आप 500 गम गिलोय का टुकड़ा ले ले।
  • टुकड़े को ओखली में क्रश कर ले
  • पूरी तरह से क्रश होने के बाद साफ़ सूती के कपडे से उसके रस को निचोड़ ले।
  • एक साफ बर्तन में रस को थोड़ी देर छोड़ दे।
  • कुछ समय बाद गिलोय का सत बर्तन के नीचे एक परत की तरह बैठ जायेगा और ऊपर पानी बचेगा उस पानी को हलके हाथों से अलग कर ले।
  • निचे बैठे परत को कुछ दिन सूखने के लिए छोड़ दे।
  • सूखने के बाद आपको गिलोय का पाउडर मिल जायेगा।2 -3 ग्राम पाउडर को आप जरुरत के हिसाब से इस्तेमाल में ला सकते हैं।

 

भारत में गिलोय कहाँ पाया जाता है? Where is Giloy found in India?

गिलोप भारत के हर छेत्र में पाया जाता है। इसका पौधा आप किसी अच्छे नर्सरी से भी मंगवा सकते हे।

 

गिलोय के नुकसान। Reaction from Giloy.

वैसे तो गिलोय के नुक्सान नहीं है, लेकिन बच्चे को दूध पिलाने वाली माँ को इसका सेवन किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह लेकर लेना चाहिए।