अतिबाला : कई रोगो से बचा सकता है ।

By : FiveMinute  |  Updated On : 27 Feb, 2021

अतिबाला : कई रोगो से बचा सकता है । Atibala kayi rogo se bacha sakta hai aapko.

अतिबाला (Atibala) आयुर्वेदिक चिकित्सा में अपार शक्ति प्रदान करने वाली एक औषधि है। इसका बोटैनिकल नाम Abutilon indicum है और यह कंघी के नाम से भी जाना जाता है। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि ऐसे कई लोग हैं जो इस औषधि से लगभग अनजान हैं। यह एक प्रकार का जंगली पौधा है। इसकी पत्तियों, फूलों, बीजों और जड़ों में असाधारण औषधीय शक्ति होती है। अब आइए जानें इसके शक्तिशाली औषधीय गुणों (atibala ke fayde) और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में।


आँखों के जलन को ठीक करता है- Atibala for eyes

सबसे मजबूत पत्ती का काढ़ा बनाएं और इसे ठंडा होने दें। बंद आंखों पर ठंडा काढ़ा को  लगाने और मलने से आंखों की जलन खत्म हो जाएगी।

 

पथरी को गलाता है - Atibala for stone

मजबूत पत्तियों को पानी में भिगोकर, छानकर उसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर पीने से बुखार कम हो जाता है। दिन में तीन बार एक ही पानी पीने से मूत्राशय में सूजन और पुरानी खांसी कम हो जाएगी। इतना ही नहीं, यह गुर्दे की पथरी को भी घोलता है।

 

शीघ्रपतन की समस्या से राहत - Atibala for nightfall
50 ग्राम धनिया के बीज और 100 ग्राम अतिबाला की जड़ का पाउडर और समान मात्रा में गुड़ मिलाएं। एक चम्मच पाउडर को दिन में दो बार खाने और एक कप दूध पीने से शीघ्रपतन की समस्या को कम किया जा सकता है।

 

रेबीज़ के खतरे को काम करता है - Atibala for rabies
पागल कुत्ते द्वारा काटे जाने पर तुरंत 70 ग्राम तेज पत्ते और अतिबाला के पत्ते का रस पिएं। कुत्ते के काटने पर पत्ती का पेस्ट लगाएं और पट्टी बांध दें। ऐसा करने से जहर उतर जाएगा।

 

रक्तस्राव को काम करता है - Atibala for bleeding
यदि मजबूत पत्तियों को करी की तरह पकाया जाये और दिन में दो बार खाया जाये, तो घाव से रक्तस्राव कम हो जाएगा। 21 सबसे मजबूत पत्तियों और काली मिर्च के 21दाने ले इसके अलावा इसके उपयोग से खराब मौसम के कारण होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

 

अतीबाला के जड़ का पाउडर- Atibala powder
मजबूत जड़ों को पीस कर संग्रहीत कर ले।  इसके उपयोग से दिल को मजबूत बनाने और चेहरे में चमक लाने के लिए भोजन से पहले दिन में दो बार गाय के घी के साथ तीन से चार चुटकी लिया जा सकता है।

 

सूजन को कम करता है -  Atibala for inflammation
सबसे मजबूत जड़ को काट लें , जड़ को पीस कर पानी में घोल ले और सूजन वाली मांसपेशियों पर लगाएं। ऐसा करने से मांसपेशियों में सूजन कम होगी।

 

दमा को ठीक करता है - Atibala for asthama
अच्छी तरह से परिपक्व अतिबाला के पेड़ को टुकड़ों में काट लें और धूप में सुखाएं। फिर इसे जला लें। एक बर्तन में राख को डालकर बर्तन में पानी भरें और इसे तीन दिनों के लिए छोड़ दें। इसे रोज एक बार मिलाया जाना चाहिए। चौथे दिन, केवल गुनगुना पानी लें और इसे सफेद क्षार निकालने के लिए एक छोटी सी लौ पर उबालें इस क्षार की दो से तीन चुटकी मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ लेने से खांसी और दमा को कम किया जा सकता है।