5 औषधीय पौधे जिन्हे आप अपने बगीचे में या किचन गार्डन में आसानी से उगा सकते हैं!

By : Admin  |  Updated On : 18 Aug, 2020

5 औषधीय पौधे जिन्हे आप अपने बगीचे में या किचन गार्डन में आसानी से उगा सकते हैं!

बहुत से पौधों का औषधीय महत्व है। घावों के इलाज और सूजन को ठीक करने के लिए हम सब दवाओं के रूप में पौधों का उपयोग करते रहे हैं। । दर्द निवारण से लेकर वजन घटाने तक आयुर्वेद और योग का प्राचीन विज्ञान इन पौधों पर निर्भर रहा है। कई औषधीय पौधे आप अपने बगीचे में या किचन गार्डन में भी आसानी से उगा सकते हैं! उन्हें विकसित करते रहें और उनका पोषण करते रहें ताकि आप उनका उपयोग कर सकें और प्राकृतिक रूप से अपना इलाज कर सकें!

तुलसी (Tulsi)

तुलसी एक ऐसा पौधा है जो हर भारतीय घर में आपको देखने को मिलता है। प्राचीन समय से ही इसका उपयोग बहुत सारे बीमारियों के इलाज में हम करते आये है। आंखों की बीमारियों से लेकर दाद तक यह भारतीय चिकित्सा के भीतर इश्तेमाल किया जाता है। तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद है जो, आपको कई तरह के फ्लू से बचाता है।यह पौधा नासा की हवा शुद्ध करने वाले पौधों की सूची में भी है। इसकी पत्तियों से पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज किया जा सकता है और यह भी माना जाता है कि इसमें कैंसर-रोधी गुण होते हैं।

 

अजवाईन (Ajwain)

अगर आप पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं तो आजवाइन आपके लिए एक वरदान है। अजवाइन का उपयोग भारतीय अपने आहार में हमेशा से शामिल करते आये है। इसके पौधे को उगाना बहुत ही आसान है। आप एक छोटे गमले में भी इसको उगा सकते हे। पौधे को बहुत ही अधिक पानी और धूप की आवश्यकता नहीं होती हे। अजवाईन पाचन को बढ़ावा देता है, रक्तचाप को नियंत्रित करता है और आम सर्दी और खांसी का इलाज करने में भी सक्षम है।

 

एलोवेरा (Aloe Vera)

एलोवेरा सूखा या नम मिट्टी के साथ केवल सूर्य के नीचे अच्छी तरह से उगता है। एलोवेरा के पत्ते में पाये जाने वाला सैप संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए बेहद उपयोगी है। इसका इस्तेमाल हमलोग घाव, कटने, सूजन को कम करने और जलन को ठीक करने में करते है। त्वचा पर इसके बाहरी उपयोग के अलावा, एलोवेरा को आंतरिक रूप से भी लिया जाता है। अल्सरेटिव कोलाइटिस (एलोवेरा जूस पीना) पुराना कब्ज,भूख ना लगना, कब्ज़ की शिकायत जैसे बीमारियों को ठीक करने में भी उपयोग करते हैं।

 

पुदीना (Peppermint)

पुदीना को दुनिया की सबसे पुरानी दवा माना गया है, जिसके पुरातात्विक साक्ष्य इसके उपयोग को कम से कम दस हज़ार साल पहले तक मानते हैं। इसमें पेपेरमिंट मैंगनीज, विटामिन ए और विटामिन सी में प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं।

 

अश्वंगधा (Ashwagandha)

अश्वगंधा तनाव कम करने, तंत्रिका संरक्षण आदि के लिए जाना जाता है। अश्वगंधा के फायदे कई हैं; प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने, घाव की देखभाल में सहायता करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के अलावा, कुछ अन्य लाभ हैं, एंटी-ट्यूमर, दर्द से राहत, नेत्र स्वास्थ्य, हृदय, कोलेस्ट्रॉल कम करता है, और रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है।