भारत में कुम्भ पर्व क्यों मनाया जाता है|

By : Admin  |  Updated On : 16 Jan, 2021

भारत में कुम्भ पर्व क्यों मनाया जाता है| - Bharat me kumbh mela kyun manaaya jaata hai

कुम्भ मेला भारत का एक ऐसा सबसे बड़ा त्यौहार है जिसमे दुनियाभर के लोग और भक्त जमा होते हैI

 

किन किन शहरों में कुम्भ मेला मनाया जाता है :-

haridwar, ujjain, nasik, prayag

कुम्भ त्यौहार भारत में प्रत्येक 12 वर्ष के बाद निम्नलिखित स्थान में नदी के तट पर मनाया जाता है, जहाँ पे यमुना और सरस्वती मिलती है.

  • हरिद्वार में गंगा
  • उज्जैन में शिप्रा
  • नासिक में गोदावरी
  • प्रयाग में त्रिवेणी

 

समुद्र मंथन :-

Samudra Manthan
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ये माना जाता है की जब समुद्र मंथन हो रहा था तब उस मंथन में विष निकला तो  अमृत की भी प्राप्ति हुईI महादेव ने सृष्टि के कल्याण के लिए उस विष को तो धारण कर अपने गले में रख लिए, वहीँ दूसरी तरफ अमृत को पाने के लिए कई लोग सामने आ गएI

 

देव और दानवो के बिच अमृत :-

samudra manthan
अमृत को लेके देव और दानवो के बिच झड़प हो गयी और दोनों एक दूसरे के खिलाफ हो गए, देवता चाहते थे की अमृत केवल उन्हें ही मिले और दानव चाहते थे की अमृत सिर्फ उन्हें मिले ताकि वे  अमर हो जाए और सदियों तक पूरी सृष्टि में दानवी शक्ति का प्रसार करे, इन्ही झड़प के बिच अमृत के कुछ बुँदे धरती पे आ गिरी, यही वो स्थान है जहाँ पे कुम्भ मेला आयोजित होता है, वो स्थान है हरिद्वार, उज्जैन, नाशिक, प्रयागI

 

12 वर्षो के बाद क्यों होता है कुम्भ :-

kumbh mela
माना जाता है की अमृत के लिए देवतावो और दानवो के बिच 12 दिनों तक लगातार युद्ध हुआ, ऐसा ये भी माना जाता है की देवताओ का 1 दिन धरती वासियो के लिए 1 वर्ष के बराबर होता हैI इस प्रकार देवता और दानवो का युद्ध 12 वर्षो तक चलता रहा इसलिए जिस स्थान में अमृत गिरा था उस स्थान को कुम्भ के मेले के लिए योग्य माना गया है और हर 12 वर्ष में कुम्भ पर्व का मनाया जाता है|