बतख पालन: ब्रूडिंग में इन 5 बातो का रखे ध्यान।

By : FiveMinute  |  Updated On : 19 Mar, 2021

बतख पालन: ब्रूडिंग में इन 5 बातो का रखे ध्यान।

क्या आप एक बतख फार्म (Duck farm) शुरू करने जा रहे हैं या आपके पास पहले से ही एक बतख फार्म है? अगर आपका जवाब 'हां' है, तो यह लेख निश्चित रूप से आपके लिए है। इस लेख में हम आपको ब्रूडिंग (Brooding) के बारे में 5 सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में बताने जा रहे हैं।

ब्रूडिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पक्षी प्रजनन के बाद अपने बच्चो की देखभाल करता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे पक्षी अपने बच्चो को जन्म के बाद कुछ समय तक बाहरी तापमान से सुरक्षित रखती है। हालाकि बड़े पैमाने में बतख पालन में प्राकृतिक तरीके से ब्रूडिंग करना संभव नहीं है। इसीलिए हमें यह व्यवसाय शुरू करने से पहले आर्टिफीसियल ब्रूडिंग की इन पांच महत्वपूर्ण बिन्दुओ की जानकारी होनी चाहिए।  

कई किसान इन बिंदुओं को जाने बिना इस व्यवसाय को शुरू करते हैं, परिणामस्वरूप, बतख के बच्चो की मृत्यु दर बढ़कर 70 से 80 प्रतिशत हो जाती है, और उन्हें अपने व्यवसाय में नुकसान उठाना पड़ता है।

'ब्रूडिंग' के 5 सबसे महत्वपूर्ण बिंदु - 5 most important points of 'brooding'

तापमान:  Temperature
ब्रूडिंग में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु तापमान को माना जाता है। प्राकृतिक तरीके से ब्रूडिंग की प्रक्रिया में बतख अपने बच्चो को अपने पेट के निचले हिस्से में रखती है ताकि चूजों को उचित तापमान मिल सके। और यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक चूजों के शरीर में फर न आ जाए। बतख पालन में ब्रूडिंग की प्रक्रिया हम प्राकृतिक तरीके से  नहीं कर सकते है क्यूंकि इसमें चूजों की संख्या हजारो में होती है। ब्रूडर में हमें उचित  तापमान की व्यवस्था करनी होती है, जो की हम बिजली के हीटर या बल्ब से कर सकते है। 
जन्म के 2 से 3 दिन तक चूजों को किसी भी मैसम में 30 से 35 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। फिर धीरे धीरे आप तापमान को कम कर सकते है।

ब्रूडर का आकार:  Shape of Brooder

ब्रूडर वो जगह है जहाँ हम चूजों को ब्रूडिंग के लिए रखते है। कई लोग इसका आकार आयताकार या वर्गाकार बनाते है, जो ब्रूडिंग के लिए बिलकुल भी सही आकार नहीं है।
ब्रूडिंग के दौरान चूजों को दौड़ने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए, जगह आयताकार होने से चूजे कोनों में फस सकते हैं, जिससे उनकी जान भी जा सकती है। ब्रूडर को हमेशा गोलाकार बनाये।

 

ब्रूडर को सूखा रखे : Keep brooder dry

ब्रूडर के अंदर चूजों को पानी पीने के लिए ड्रिंकर रखा जाता है, जिससे सभी चूजे पानी पीते हैं। पानी पीने के दौरान बहुत सारा पानी जमीन में गिर जाता है, जिसके कारण चूजों को नुक्सान हो सकता है। जमीन को सूखा रखने के लिए आप ड्रिंकर के निचे सूती का कपडा रख दे जिससे जमीन गीली होने से बच जाये। 

 

फीडिंग का रखे ध्यान: Proper Feeding

जब आप अपने फार्म में नए चूजों को लाते है तो शुरुवात के सात दिनों  तक उनके लगातार फीड कराते रहे, कारण यह है की सुरुवाती दिनों में बहुत से चूजे जब एक साथ ब्रूडर में रहते है तो सभी को खाना नहीं मिल पाता है। जिसके कारण चूजे कमजोर हो जाते है। 

 

वैक्सीन का रखे ध्यान : Proper Vaccination

फार्मिंग के लिए चूजों का ब्रीडिंग मशीन में आर्टिफीसियल तरीके से किया जाता है। ब्रीडिंग  दौरान उनको हाई टेम्परेचर में रखा जाता है।  लगभग 37 डिग्री के तापमान से बाहर निकलने के बाद चूजों को होने वाली बीमारियों से बचा ने के लिए उचित तरीके से एंटीबायोटिक दिया जाना चाहिए। इसलिए आपको वक्सीनशन की सही जानकारी जरूर होनी चाहिए। 

आपको यह जानकारी कैसी लगी, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताये। बतख पालन से सम्बंधित और भी ढेरो जानकारी हम आपके लिए लाते रहेंगे।